पाठ्यचर्या की परिभाषा (Definition of Curriculum):-
पाठ्यचर्या का अर्थ केवल पुस्तकीय ज्ञान या विषयवस्तु तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक समग्र अनुभव है जो शिक्षण–अधिगम की प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थी को प्राप्त होता है। “पाठ्यचर्या वह समस्त अनुभवों का समूह है जो विद्यालय विद्यार्थी को प्रदान करता है, चाहे वे कक्षा में हों या बाहर।”
पाठ्यचर्या के प्रकार (Types of Curriculum)
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औपचारिक पाठ्यचर्या (Formal Curriculum)
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विद्यालय द्वारा तय विषयवस्तु
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पाठ्यपुस्तकों और योजनाओं के अनुसार
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परीक्षा आधारित
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अनौपचारिक पाठ्यचर्या (Informal Curriculum)
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सह-शैक्षणिक गतिविधियाँ (खेल, संगीत, कला)
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व्यक्तित्व विकास से संबंधित
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छिपी हुई पाठ्यचर्या (Hidden Curriculum)
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विद्यालय का वातावरण
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शिक्षकों का व्यवहार, सामाजिक मूल्य
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अप्रत्याशित पाठ्यचर्या (Null Curriculum)
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जो विषय नहीं पढ़ाए जाते पर जिनका प्रभाव होता है
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पाठ्यचर्या के उद्देश्य (Objectives of Curriculum)
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समग्र विकास (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक)
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नैतिक और नागरिक मूल्यों का विकास
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व्यावसायिक योग्यता प्रदान करना
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रचनात्मकता व नवाचार को बढ़ावा देना
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जीवन के लिए तैयारी
पाठ्यचर्या के सिद्धांत (Principles of Curriculum)
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बाल केंद्रितता (Child-Centeredness)
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सामाजिक उपयोगिता (Social Utility)
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पूर्ण विकास का सिद्धांत (Principle of All-round Development)
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लचीलापन (Flexibility)
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एकता और विविधता (Unity in Diversity)
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अनुभव आधारित शिक्षा (Experience-Based Learning)
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संवेदनशीलता और मूल्यों का समावेश
पाठ्यचर्या विकास की प्रक्रिया (Curriculum Development Process)
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आवश्यकताओं का विश्लेषण
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उद्देश्यों का निर्धारण
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सामग्री का चयन और संगठन
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अध्यापन विधियों का चयन
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मूल्यांकन का निर्धारण
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समीक्षा और सुधार
पाठ्यचर्या के दृष्टिकोण (Approaches to Curriculum)
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विषय केंद्रित दृष्टिकोण (Subject-Centered Approach)
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बाल केंद्रित दृष्टिकोण (Learner-Centered Approach)
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समस्या केंद्रित दृष्टिकोण (Problem-Centered Approach)
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समाज केंद्रित दृष्टिकोण (Society-Centered Approach)
भारत में पाठ्यचर्या की रूपरेखा (Curriculum Framework in India)
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 (NCF 2005)
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रचनात्मकता पर बल
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गतिविधि आधारित शिक्षण
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पर्यावरणीय जागरूकता
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समावेशी शिक्षा का समर्थन
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NEP 2020 के अनुसार परिवर्तन
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5+3+3+4 संरचना
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कौशल आधारित शिक्षण
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बहुभाषिकता व डिजिटल शिक्षण
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पाठ्यचर्या और पाठ्यपुस्तक में अंतर
| बिंदु | पाठ्यचर्या | पाठ्यपुस्तक |
|---|---|---|
| अर्थ | शिक्षण का सम्पूर्ण अनुभव | पाठ्यचर्या का एक भाग |
| प्रकार | औपचारिक, अनौपचारिक आदि | प्रायः औपचारिक |
| लचीलापन | अधिक | कम |
| उपयोग | शिक्षण–अधिगम दोनों में | मुख्यतः शिक्षण हेतु |
निष्कर्ष (Conclusion)
पाठ्यचर्या केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रक्रिया है जो छात्रों को एक समग्र, व्यावहारिक और नैतिक शिक्षा प्रदान करती है। एक शिक्षक के रूप में इसका गहन ज्ञान होना आवश्यक है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।