बाल विकास की अवस्था (12 से 18 वर्ष तक)

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बाल विकास की अवस्था (12 से 18 वर्ष तक) – किशोरावस्था

परिचय (Introduction):-

12 से 18 वर्ष की आयु को किशोरावस्था (Adolescence) कहा जाता है। यह जीवन का एक संक्रमणकाल होता है, जहाँ बच्चा धीरे-धीरे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं नैतिक रूप से वयस्कता (Adulthood) की ओर बढ़ता है।

बाल विकास की प्रमुख अवस्थाएँ (12 से 18 वर्ष की आयु):-

शारीरिक विकास (Physical Development)

  1. इस अवधि में शरीर में तीव्र वृद्धि (Growth Spurt) होती है।
  2. लड़कियों में यह प्रक्रिया पहले शुरू होती है, लड़कों में थोड़ी देर से।
  3. यौन अंगों का विकास होता है (Secondary Sexual Characteristics)।
  4. चेहरे पर मुंहासे, आवाज़ में बदलाव, मांसपेशियों का विकास आदि देखने को मिलता है।
  5. नींद, आहार और व्यायाम की आवश्यकता बढ़ जाती है।

संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development)

  1. सोचने-समझने की क्षमता में वृद्धि होती है।
  2. जटिल विचार, तर्क, निर्णय क्षमता और कल्पना शक्ति विकसित होती है।
  3. इस अवस्था में बच्चा “कल्पनाशील और आलोचनात्मक सोच” करना सीखता है।
  4. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार यह औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) होती है।

भावनात्मक विकास (Emotional Development)

  1. भावनाएं तीव्र होती हैं और बार-बार बदलती हैं।
  2. आत्म-चेतना (Self-consciousness) बढ़ती है – जैसे “मैं कौन हूँ?”
  3. माता-पिता से टकराव की स्थिति बन सकती है।
  4. दोस्ती, प्रेम व आकर्षण की भावना पैदा होती है।

सामाजिक विकास (Social Development)

  1. सहकर्मी समूह (Peer Group) का महत्व बढ़ता है।
  2. स्वतंत्रता की भावना प्रबल होती है।
  3. सामाजिक पहचान (Social Identity) का विकास होता है।
  4. समाज के नियमों को लेकर भ्रम या विद्रोह की स्थिति आ सकती है।

नैतिक विकास (Moral Development)

  1. सही-गलत को समझने की क्षमता विकसित होती है।
  2. कोहलबर्ग (Kohlberg) के अनुसार, किशोर “पारंपरिक नैतिकता” के स्तर पर होते हैं।
  3. वे सामाजिक स्वीकृति और नियमों का पालन करने की ओर झुकते हैं।

मुख्य विशेषताएँ 

क्षेत्र विशेषताएँ
शारीरिक तीव्र वृद्धि, यौन विकास, हार्मोनल परिवर्तन
संज्ञानात्मक तर्कशीलता, कल्पनाशक्ति, समस्याओं का हल
भावनात्मक अस्थिर भावनाएँ, आत्म-पहचान की तलाश
सामाजिक मित्रता, समाज में स्थान बनाने की कोशिश
नैतिक सही-गलत की समझ, सामाजिक नियमों का पालन

शिक्षण के लिए सुझाव (Teaching Implications)

  1. शिक्षकों को सहानुभूति व समझदारी से व्यवहार करना चाहिए।
  2. आलोचना के बजाय संवाद व प्रोत्साहन दें।
  3. नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना जरूरी है।
  4. स्वतंत्र सोच को प्रोत्साहन देना चाहिए।
  5. आत्म-सम्मान (Self-esteem) को ठेस न पहुँचाएँ।

 

बाल विकास की अवस्था (12 से 18 वर्ष) से संबंधित महत्वपूर्ण MCQ प्रश्नोत्तरी दी गई है, जो JTET,CTET, B.Ed, DSSSB, REET, और अन्य शिक्षक परीक्षाओं के लिए उपयोगी है:


 Q1. किशोरावस्था (Adolescence) किस आयु वर्ग को दर्शाती है?

A. 6–12 वर्ष
B. 0–6 वर्ष
C. 12–18 वर्ष
D. 18–24 वर्ष

उत्तर: C. 12–18 वर्ष

 Q2. जीन पियाजे के अनुसार 12 वर्ष की उम्र के बाद बच्चे किस संज्ञानात्मक अवस्था में प्रवेश करते हैं?

A. पूर्व संक्रियात्मक अवस्था
B. मूर्त संक्रियात्मक अवस्था
C. संवेदी गामक अवस्था
D. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था

उत्तर: D. औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage)

 Q3. किशोरों के विकास में कौन-सा परिवर्तन मुख्य रूप से दिखाई देता है?

A. केवल शारीरिक परिवर्तन
B. केवल संज्ञानात्मक परिवर्तन
C. बहुआयामी परिवर्तन
D. कोई परिवर्तन नहीं

उत्तर: C. बहुआयामी परिवर्तन

 Q4. किशोरों की सोच का प्रमुख लक्षण क्या होता है?

A. मूर्त सोच
B. स्वकेंद्रित सोच
C. क्रियात्मक सोच
D. यांत्रिक सोच

उत्तर: B. स्वकेंद्रित सोच (Egocentric thinking)

 Q5. इस अवस्था में कौन-सी भावना प्रबल हो जाती है?

A. आत्म-गौरव
B. आत्म-चेतना
C. परोपकार
D. आत्म-त्याग

उत्तर: B. आत्म-चेतना (Self-consciousness)

 Q6. किशोरावस्था में मित्रता का क्या महत्व होता है?

A. कोई महत्व नहीं होता
B. केवल खेलने तक सीमित
C. गहरी भावनात्मक समझ का आधार
D. परिवार से दूर करने वाला कारक

उत्तर: C. गहरी भावनात्मक समझ का आधार

 Q7. कोहलबर्ग के अनुसार, किशोर किस नैतिक स्तर पर होते हैं?

A. पूर्व पारंपरिक स्तर
B. पारंपरिक स्तर
C. उत्तर पारंपरिक स्तर
D. नैतिक स्तर का विकास नहीं होता

उत्तर: B. पारंपरिक स्तर (Conventional Level)

 Q8. इस अवस्था में बच्चों को क्या ज़रूरत अधिक होती है?

A. अनुशासन की
B. स्वतंत्रता की
C. डांट की
D. अकेलेपन की

उत्तर: B. स्वतंत्रता की

 Q9. किशोरावस्था के दौरान शिक्षक की भूमिका क्या होनी चाहिए?

A. कठोर नियंत्रण रखना
B. हर समय निर्देश देना
C. सहायक और मार्गदर्शक होना
D. अनदेखी करना

उत्तर: C. सहायक और मार्गदर्शक होना

 Q10. किशोरों में आत्म-परिकल्पना (Self-concept) का विकास किससे प्रभावित होता है?

A. केवल माता-पिता से
B. केवल शिक्षक से
C. केवल किताबों से
D. सहपाठियों, समाज और अनुभवों से

उत्तर: D. सहपाठियों, समाज और अनुभवों से

 

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