बाल केंद्रित पाठ्यचर्या एक ऐसी शैक्षिक पद्धति है जो बच्चों की रुचियों, क्षमताओं, आवश्यकताओं, अनुभवों और विकासात्मक स्तर को केंद्र में रखकर तैयार की जाती है। इस प्रकार की पाठ्यचर्या में विद्यार्थी को शिक्षा की प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार माना जाता है, न कि केवल एक निष्क्रिय श्रोता।
जॉन ड्यूई के अनुसार:
“बालक ही शिक्षा का केंद्र है। पाठ्यचर्या को बालक के अनुभवों, अभिरुचियों और समस्याओं के अनुसार निर्मित किया जाना चाहिए।”
मुख्य विशेषताएँ (Key Features)
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विद्यार्थी केंद्रित दृष्टिकोण
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बालक की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाती है।
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अनुभव आधारित शिक्षा
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खेल, प्रयोग, परियोजना आदि के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया।
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गतिविधि आधारित शिक्षण
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गतिविधियाँ शिक्षा का मुख्य साधन होती हैं।
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सृजनात्मकता का विकास
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कल्पनाशक्ति और नवाचार को बढ़ावा मिलता है।
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लचीलापन (Flexibility)
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पाठ्यचर्या में शिक्षक आवश्यकतानुसार परिवर्तन कर सकता है।
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समग्र विकास
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शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक, नैतिक सभी पहलुओं पर ध्यान।
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बाल केंद्रित पाठ्यचर्या के उद्देश्य (Objectives)
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आत्म-निर्भरता और आत्म-विश्वास का विकास
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सीखने के प्रति रुचि और जिज्ञासा को बढ़ाना
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व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास
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आलोचनात्मक चिंतन और समस्या समाधान की क्षमता
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नैतिक और सामाजिक मूल्यों का विकास
बाल केंद्रित पाठ्यचर्या बनाते समय ध्यान देने योग्य बातें
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बालक की आयु और मानसिक स्तर
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स्थानीय आवश्यकताएँ और सामाजिक पृष्ठभूमि
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बालक की भाषा और संस्कृति
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अनुभवों की निरंतरता और प्रासंगिकता
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मूल्यांकन का लचीला और सतत तरीका
शिक्षक की भूमिका (Role of Teacher)
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मार्गदर्शक (Guide) और सहायक (Facilitator)
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सीखने का वातावरण तैयार करना
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बच्चों को प्रेरित करना
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आत्म-अन्वेषण को बढ़ावा देना
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मूल्यांकन में सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना
बाल केंद्रित बनाम विषय केंद्रित पाठ्यचर्या (Comparison)
| बिंदु | बाल केंद्रित पाठ्यचर्या | विषय केंद्रित पाठ्यचर्या |
|---|---|---|
| फोकस | बालक की रुचि और अनुभव | विषय की सामग्री |
| शिक्षण विधि | गतिविधि आधारित | व्याख्यान आधारित |
| लचीलापन | अधिक | कम |
| मूल्यांकन | सतत और समग्र | परीक्षा आधारित |
| भूमिका | शिक्षक सहायक | शिक्षक केंद्र |
बाल केंद्रित पाठ्यचर्या के लाभ (Advantages)
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बालकों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता का विकास
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सीखने में सक्रिय भागीदारी
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वास्तविक जीवन से जुड़ी शिक्षा
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बहु-आयामी विकास
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आनंददायक शिक्षण वातावरण
चुनौतियाँ (Challenges)
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समय और संसाधनों की कमी
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प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता
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मूल्यांकन में कठिनाई
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बड़े वर्ग आकार में लागू करना कठिन
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पारंपरिक सोच वाले अभिभावकों का विरोध
निष्कर्ष (Conclusion)
बाल केंद्रित पाठ्यचर्या आधुनिक शिक्षा की नींव है, जो यह मानती है कि हर बच्चा अद्वितीय है और शिक्षा का उद्देश्य उसके पूर्ण व्यक्तित्व का विकास है। शिक्षक का कर्तव्य है कि वह ऐसा वातावरण निर्मित करे जहाँ बालक स्वतंत्र रूप से सोच सके, सीख सके और आगे बढ़ सके।